याचिका-प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में अपात्रों को दिए बोनस अंक:जबलपुर हाईकोर्ट ने कहा- मेरिट लिस्ट होगी फैसले के अधीन; दो सप्ताह में जवाब पेश करो




मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 के परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ी और अपात्र उम्मीदवारों को गलत तरीके से 5 प्रतिशत बोनस अंक दिए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। बुधवार को जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने कहा कि मेरिट लिस्ट इस याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन होगी। कोर्ट ने मामले में राज्य शासन सहित कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। 14964 उम्मीदवारों ने प्राप्त किए बोनस अंक नरसिंहपुर निवासी सोनम अगरैया एवं अन्य उम्मीदवारों की ओर से अधिवक्ता आलोक वागरेचा, विशाल बघेल एवं आयुष बघेल ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 भर्ती विज्ञापन की कंडिका 7.7 के तहत केवल उन उम्मीदवारों को 5 फीसदी बोनस अंक मिलने थे, जिनके पास ‘भारतीय पुनर्वास परिषद’ (आरसीआई) से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा में डिप्लोमा है। चयन सूची में लगभग 14 हजार 964 उम्मीदवारों ने खुद को इस श्रेणी में दिखाकर बोनस अंक प्राप्त कर लिए हैं। उम्मीदवारों से नहीं मांगा गया आरसीआई सर्टिफिकेट याचिका में ‘भारतीय पुनर्वास परिषद’ के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया है कि पूरे मध्य प्रदेश में आरसीआई पोर्टल पर केवल 2,194 कार्मिक और 3,077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं। ऐसे में लगभग 15 हजार उम्मीदवारों का विशेष शिक्षा प्रमाणपत्र धारक होना प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत होता है। लोक शिक्षण संचालनालय ने भी जनवरी 2026 में विभाग को आगाह किया था कि लगभग 18 हजार उम्मीदवारों ने ‘हां’ का विकल्प चुना है, जो अत्यधिक प्रतीत होता है। इसके बावजूद, सुधार के लिए पोर्टल खोलने के बाद भी मंडल द्वारा उम्मीदवारों से आरसीआई पंजीकरण संख्या या प्रमाणपत्र नहीं मांगा गया। डिक्लेरेशन के आधार पर सीधे बोनस अंक दे दिए गए याचिका में बताया गया कि बिना किसी भौतिक सत्यापन के सॉफ्टवेयर के माध्यम से उम्मीदवारों के डिक्लेरेशन के आधार पर सीधे बोनस अंक दे दिए गए। इससे वास्तविक और योग्य उम्मीदवारों की मेरिट गिर गई और वे चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। दलील दी गई कि झूठी जानकारी देकर चयन होने के बाद सैकड़ों अभ्यर्थी, जिन्हें मेरिट में 5 प्रतिशत बोनस अंक मिले हैं, वे भी हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा है कि जल्दबाजी में हुई त्रुटि के कारण उनके द्वारा बोनस अंक का लाभ प्राप्त कर लिया गया, जबकि उनके पास उससे संबंधित कोई भी प्रमाणपत्र नहीं है। बोनस अंक देकर नई मेरिट सूची करने की मांग याचिका में 27 फरवरी 2026 को जारी मेरिट लिस्ट को रद्द करने की मांग की गई है। केवल वैध आरसीआई प्रमाणपत्र धारकों को ही बोनस अंक देकर नई मेरिट सूची जारी करने की मांग की गई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा 9 अक्टूबर 2025 से 13 अक्टूबर 2025 तक मध्य प्रदेश के 11 शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, सीधी एवं उज्जैन में स्कूल शिक्षा विभाग तथा जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षक के कुल 13,089 पदों के लिए चयन परीक्षा-2025 का आयोजन किया था। इस परीक्षा में कुल 1,03,494 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए। परीक्षा का परिणाम 11,978 पदों (87 प्रतिशत) के लिए 27 फरवरी 2026 को जारी किया था।



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