पंजाब में बारिश से खराब हुई गेहूं की गेहूं की फसल का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीमों का दौरा जारी है। लुधियाना जिले की कई अनाज मंडियों का दौरा करते हुए केंद्रीय टीम ने गेहूं के सैंपल एकत्र किए। एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी खन्ना में भी टीम ने पहुंचकर बारिश से प्रभावित फसल का जायजा लिया। डॉ. वासुदेव के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मंडी में विभिन्न खरीद एजेंसियों की ढेरियों से गेहूं के सैंपल लिए। इन सैंपलों को लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर भविष्य में कोई निर्णय लिया जाएगा। बारिश और खराब मौसम के कारण फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसके साथ ही खरीद प्रक्रिया में आ रही रुकावटों ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। किसान लंबे समय से अपनी फसल बेचने का इंतजार कर रहे हैं। एएफएसओ हरभजन ने टीम को जमीनी हालातों से अवगत कराया एएफएसओ हरभजन सिंह ने केंद्रीय टीम को जमीनी हालातों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि खन्ना ही नहीं, बल्कि पटियाला से लेकर बठिंडा और पूरे मालवा क्षेत्र में बारिश से फसल को भारी नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार ने वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए विभिन्न इलाकों में टीमें भेजी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसानों के लिए जल्द ही कोई राहत का रास्ता निकलेगा।मंडी में मौजूद किसानों ने केंद्रीय टीम के सामने अपनी परेशानियां रखीं। किसानों का कहना है कि बारिश के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिसके चलते खरीद एजेंसियां निर्धारित मापदंडों का हवाला देकर फसल खरीदने से इनकार कर रही हैं। इस स्थिति से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसानों ने मांग की कि खरीद मापदंडों में ढील दी जाए, फसल की तुरंत खरीद सुनिश्चित की जाए और नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
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