लुधियाना में कांग्रेस नेता इंदी पर फिर FIR:सड़क निर्माण में लगे मजदूरों से की मारपीट का आरोप; सियासी टकराव हुआ तेज




लुधियाना के करीब चार महीने पहले कोर्ट में फजीहत झेल चुकी पुलिस ने कांग्रेस नेता इंदरजीत सिंह इंदी के खिलाफ एक बार फिर मामला दर्ज किया है। डिवीजन नंबर-8 थाना पुलिस ने बुधवार को इंदी पर सग्गू चौक के पास सड़क निर्माण में लगे मजदूरों से मारपीट और काम में बाधा डालने के आरोप में FIR दर्ज की है। कांग्रेस नेताओं ने सियासी बदले की कार्रवाई बताया इस कार्रवाई के बाद शहर की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे सियासी बदले की कार्रवाई बताया है। वहीं इंदी ने अपने वकील विजय महेंदरू के जरिए अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दायर किया है। JE की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
मामला नगर निगम लुधियाना के जूनियर इंजीनियर रुपिंदर सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया कि सग्गू चौक के पास सड़क निर्माण कार्य कर रहे मजदूरों को कुछ अज्ञात लोग धमका रहे हैं और काम में रुकावट डाल रहे हैं। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात करने की मांग की गई थी। पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की पत्नी ममता आशु ने इस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने वीडियो पोस्ट करके कहा कि इंदी पर राजनीतिक दबाव तले करवाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 115(2), 351(2), 351(3), 132 और 221 के तहत इंदी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। जांच में नाम आया सामने: पुलिस
FIR के अनुसार, जांच अधिकारी ASI सुभाष चंद ने बताया कि मौके पर जांच के दौरान गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली कि सड़क निर्माण में बाधा डालने और मजदूरों से मारपीट में इंदी शामिल थे।। कांग्रेस का आरोप- कोई पीड़ित नहीं, सिर्फ राजनीति
भारत भूषण आशु की पत्नी और पूर्व पार्षद ममता आशु ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में न तो कोई शिकायतकर्ता है और न ही कोई पीड़ित सामने आया है। पुलिस सिर्फ अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए कार्रवाई कर रही है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय तलवार ने भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के दबाव में आकर पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जानबूझकर परेशान कर रही है। वकील बोले- पहले जैसी ही धाराएं, वही IO
इंदी के वकील विजय महेंदरू ने कहा मीडिया से कि इस मामले में वही धाराएं लगाई गई हैं, जो 20 दिसंबर 2025 को दर्ज FIR में लगाई गई थीं। हैरानी की बात यह है कि दोनों मामलों में जांच अधिकारी भी वही हैं।



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