भोपाल में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को दिन भर मैराथन बैठकें और ट्रेनिंग चली। दो चरणों में विधानसभा प्रभारियों को जॉब रिस्पांसिबिलिटी और आगे किए जाने वाले काम की जानकारी दी गई। इसके बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारी चेल्ला वामसी रेड्डी ने उज्जैन और इंदौर संभाग के जिला अध्यक्षों से वन-टू-वन मीटिंग कर अब तक किए गए कामों की समीक्षा की। छह महीने के काम का हुआ रिव्यू बैठक में जिला अध्यक्षों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया, जिसमें पिछले छह महीनों के प्रदर्शन का मूल्यांकन तय मापदंडों पर किया गया। “कनेक्ट सेंटर” के जरिए पदाधिकारियों की लगातार निगरानी की जा रही है। संगठन अब डिजिटल ट्रैकिंग मोड में आ गया है। कनेक्ट सेंटर के जरिए दिए गए काम और उनके क्रियान्वयन की निगरानी की जा रही है। जिलाध्यक्षों से हुई वन-टू-वन मीटिंग में वामसी रेड्डी ने पूछा कि ब्लॉक कमेटी से लेकर वार्ड और पंचायत कांग्रेस कमेटियों के गठन का काम कितना पूरा हुआ है? जिन जिलों में काम नहीं हो पाया उसकी वजह पूछी। इसके साथ ही स्थानीय मुद्दों को लेकर किए गए आंदोलन-प्रदर्शन की जानकारी भी ली गई। पटवारी बोले- पद से नहीं काम से होगी प्रोग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने साफ कर दिया कि पार्टी में अब केवल पद होना पर्याप्त नहीं होगा। काम नहीं करने वालों की जिम्मेदारी भी तय होगी। विधानसभा प्रभारियों की बैठक में जीतू पटवारी ने 230 प्रभारियों को “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए उन्हें सीधे गांव-गांव जाकर संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें पंचायत स्तर तक कांग्रेस कमेटियों का सत्यापन, नियमित बैठकें और “सृजन संवाद” जैसे कार्यक्रम अनिवार्य रूप से चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में हरीश चौधरी, कमलेश्वर पटेल समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भी साफ किया कि आने वाले समय में जमीनी सक्रियता ही काम की मॉनिटरिंग का मुख्य पैमाना होगी।
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