लुधियाना के चंदन नगर स्थित भाटिया डेयरी के पास बुधवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहाँ घर में खेल रही एक 3 साल की मासूम बच्ची माचिस की तीली जलाते वक्त आग की चपेट में आ गई। बच्ची ने नायलॉन की फ्रॉक पहनी हुई थी, जिसने चंद सेकंड में ही आग पकड़ ली। मासूम को बचाने की कोशिश में उसके पिता के हाथ भी बुरी तरह झुलस गए हैं। बच्ची के पिता सतपाल ने बताया कि वह काम से अचानक घर पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला सामने उनकी मासूम बेटी आग की लपटों में घिरी हुई तड़प रही थी। सतपाल ने बिना अपनी जान की परवाह किए नंगे हाथों से ही आग बुझाने की कोशिश की। इस दौरान उनकी उंगलियां और हाथ भी जल गए। सतपाल के मुताबिक अगर मैं दो मिनट की भी देरी कर देता, तो बच्ची की जान चली जाती। 6 घंटे तक तड़पती रही मासूम,पैसे नहीं थे इसलिए अस्पताल ले जाने में हुई देरी हैरान कर देने वाली बात यह है कि हादसा शाम 4 बजे हुआ, लेकिन बच्ची को रात 10 बजे के बाद सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। करीब 6 घंटे तक मासूम दर्द से कराहती रही। देरी की वजह पूछने पर मां ममता देवी ने कहा हम बहुत गरीब हैं हमारे पास इलाज के लिए फूटी कौड़ी नहीं थी। मैं कोठियों में झाड़ू-पोछा करने गई थी। जब मालकिन को पता चला तो उन्होंने मदद की और अस्पताल ले जाने का इंतजाम किया। स्थानीय डॉक्टर ने किया मना, अब सिविल अस्पताल में इलाज जारी परिजनों ने पहले बच्ची को पास के ही एक लोकल डॉक्टर को दिखाया था लेकिन बच्ची 60% तक झुलस चुकी थी। हालत गंभीर देख डॉक्टर ने उसे तुरंत बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। फिलहाल बच्ची लुधियाना के सिविल अस्पताल में उपचाराधीन है, जहाँ उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
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