वीजीयू में 5वीं रांका मूट कोर्ट प्रतियोगिता का समापन:डोगरा लॉ कॉलेज जम्मू बना विजेता, जयपुर आए देशभर की यूनिवर्सिटीज के लॉ स्टूडेंट्स, पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें




विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (वीजीयू), जयपुर में आयोजित 5वीं वीजीयू रांका मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 का भव्य समापन हुआ। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित विधिक प्रतियोगिता में देशभर के प्रमुख विधि संस्थानों से आई 64 टीमों ने भाग लिया और समसामयिक विधिक मुद्दों पर अपने सशक्त तर्क प्रस्तुत किए। इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय पर्यावरण एवं संविधान आधारित मूट प्रॉब्लम पर केंद्रित रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, मौलिक अधिकार, राज्य की जिम्मेदारी और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रभावशाली बहस की। प्रतियोगिता की शुरुआत 10 अप्रैल को प्रारंभिक राउंड्स के साथ हुई। उद्घाटन समारोह के साथ क्वार्टर फाइनल, रिसर्च टेस्ट और सोशल मीडिया राउंड आयोजित किए गए, जबकि अगले दिन सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के बाद वैलेडिक्टरी सेरेमनी के साथ इसका समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सिक्किम उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश नरेंद्र कुमार जैन मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विधि क्षेत्र में सफलता के लिए ईमानदारी, समर्पण और कठोर परिश्रम अनिवार्य हैं। उन्होंने मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं को छात्रों के लिए वास्तविक न्यायालयीन अनुभव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। विशिष्ट अतिथि के रूप में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी के निदेशक प्रो. एस.सी. शास्त्री ने व्यावहारिक विधिक शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक अनुभव भी एक सफल अधिवक्ता के लिए आवश्यक है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में डोगरा लॉ कॉलेज जम्मू ने विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि उपविजेता इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ निरमा यूनिवर्सिटी अहमदाबाद रही। बेस्ट मेमोरियल का पुरस्कार आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ मोहाली को प्रदान किया गया। बेस्ट रिसर्चर का सम्मान श्री गौर को और बेस्ट स्पीकर का पुरस्कार जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी की लोरिया शर्मा को मिला। कार्यक्रम के दौरान विधि विभाग के छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता की रिपोर्ट प्रस्तुत की और तीन दिनों के रोमांचक अनुभव साझा किए। वीजीयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) एन.डी. माथुर ने कहा कि इस प्रतियोगिता में देशभर से टीमों की भागीदारी विश्वविद्यालय की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण है। विधि विभाग के डीन प्रो. पी.पी. मिश्रा और विभागाध्यक्ष डॉ. शिल्पा राव रस्तोगी ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे उनके भविष्य के लिए उपयोगी बताया। समारोह के अंत में सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने सभी अतिथियों, निर्णायक मंडल और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस तरह के आयोजन जारी रखने का संकल्प लिया।



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