श्रीगंगानगर में धाणका समाज की ओर से अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर बुधवार को कृषि उपज मंडी में काम बंद रखा गया। धाणका समाज के इस आंदोलन को गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन और स्थानीय व्यापारियों ने भी समर्थन दिया। नई धानमंडी के गेट नंबर 2 को बंद कर धरना दिया गया। धरने को संबोधित करते हुए धाणका समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन उनके बच्चों को ST प्रमाण पत्र जारी करने में लगातार अनदेखी कर रहा है। न्यू धानमंडी मजदूर संघ के अध्यक्ष फौजी मावर ने कहा- प्रशासन की इस मनमानी के खिलाफ हम 250 दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन हमारी अनदेखी कर रहा है। जाति प्रमाण-पत्र न मिलने से हमारे बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। अगर प्रशासन हमारी मांगें नहीं मानता तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन के लिए हम तैयार हैं। स्कूल एडमिशन रुका, रोजगार के रास्ते बंद धाणका जनजाति संघर्ष समिति ने बताया कि प्रमाण पत्र न मिलने के कारण बच्चों को आरटीई कोटे में स्कूल एडमिशन नहीं मिल पा रहा है। बीएड और बीएसटीसी जैसे कोर्सों में दाखिला अटका हुआ है। गरीब छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल रहा और सरकारी-अर्धसरकारी नौकरियों के अवसर भी बंद हो गए हैं। समिति के पदाधिकारियों ने कहा- यह सिर्फ एक कागज की लड़ाई नहीं है, बल्कि हमारे वजूद और आने वाली पीढ़ी के भविष्य की लड़ाई है। धरना स्थल पर कश्मीरीलाल इंदौरा, किशोरी सिवान, फौजी मावर सहित धाणका समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। समाज ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ की सभी अनाज मंडियों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा।
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