श्रीगंगानगर में किसान की फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों की ठगी:आरोपी ने घर बैठे कमाई का झांसा देकर चेक बुक ली, लीगल नोटिस मिलने लगे तो पता चला




श्रीगंगानगर में एक साधारण किसान को फर्जी तरीके से व्यापारिक फर्म का प्रोप्राइटर बना कर करोड़ों रुपए का माल उठाने का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पूनिया ट्रेडर्स के नाम से खाद, बीज और पेस्टीसाइड्स का व्यापार करने वाले रमन पूनिया पर आरोप है कि उन्होंने गांव के किसान रिछपाल बिश्नोई को हिस्सेदार बनने का लालच देकर बैंक के कागजातों पर दस्तखत करवा लिए और चेक बुक अपने पास में रख ली। बाद में किसान के नाम से अनादरित चेक देकर कई फर्मों से माल मंगवाया और अब किसान पर करोड़ों की देनदारी के कानूनी नोटिस आ रहे हैं। किसान रिछपाल बिश्नोई पुत्र शंकरलाल, निवासी गांव 65 एलएनपी ने एसपी को शिकायत देकर रमन पूनिया, निवासी कालूवाला के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस के अनुसार, रमन पूनिया का ननिहाल पीड़ित के गांव में है, जिसके चलते दोनों के बीच जानकारी हुई। रिछपाल बिश्नोई ने शिकायत में बताया- रमन पूनिया ने उन्हें साधुवाली बाइपास पर स्थित पूनिया ट्रेडर्स फर्म में पार्टनर बनाने का प्रस्ताव दिया और कहा कि घर बैठे पैसे कमा कर दूंगा। इसके लिए बैंक से लोन दिलवाने का बहाना बनाकर कागजातों पर हस्ताक्षर करवा लिए। निजी बैंक में किसान का खाता खुलवाकर चेक बुक जारी कराई और उसे अपने पास रख लिया। कुछ दिनों बाद रमन पूनिया ने बताया कि लोन नहीं मिला, इसलिए हिस्सेदारी की बात खत्म। लेकिन असली खेल उसके बाद शुरू हुआ। वर्ष 2023 में रमन पूनिया उनके घर आए और कुछ लिफाफे थमा दिए। इनमें किसान के नाम से चेक अनादरित (बाउंस) होने पर कानूनी कार्रवाई के नोटिस थे। हैरान किसान ने देखा कि वह कभी फर्म का प्रोप्राइटर ही नहीं बना था, फिर भी उसके नाम पर करोड़ों रुपए का माल विभिन्न फर्मों से उठाया गया और चेक उनके नाम के दिए गए। किसान ने बताया- मुझे फंसाने के लिए पूरा फर्जीवाड़ा रचा गया। मैं खेती-बाड़ी करता हूं, व्यापार की इन बातों से अनजान था। अब कंपनियों से कानूनी नोटिस आ रहे हैं और करोड़ों की देनदारी मेरे सिर पर लाद दी गई है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। रमन पूनिया पर धोखाधड़ी, जालसाजी और विश्वासघात के गंभीर आरोप लगे हैं। श्रीगंगानगर पुलिस के सूत्रों का कहना है कि पूनिया ट्रेडर्स के नाम से पंजाब इलाके में दुकान चलाई जा रही थी और कई फर्मों से माल मंगवाकर किसान के नाम पर चेक दिए गए।



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