पंजाब के बरनाला जिले में धनौला के पास बडवर टोल प्लाजा पर टोल कर्मचारियों ने कैशलेस प्रणाली के विरोध में तीन घंटे तक टोल फ्री कर दिया। यह प्रदर्शन टोल प्लाजा वर्कर्स यूनियन पंजाब ने भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) और अन्य संगठनों के साथ मिलकर किया। कर्मचारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की यह नीति जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाती। इससे आम लोगों के साथ-साथ कर्मचारियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सर्वर डाउन होने से लगती हैं कतारें यूनियन नेताओं ने बताया कि देश की एक बड़ी आबादी अभी भी नकद लेन-देन पर निर्भर है। कई लोग यूपीआई, नेट बैंकिंग या गूगल पे जैसी डिजिटल सुविधाओं का उपयोग नहीं करते, ऐसे में पूरी तरह कैशलेस व्यवस्था लागू करना व्यावहारिक नहीं है। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि सर्वर डाउन होने और नेटवर्क फेल होने की स्थिति में टोल प्लाजाओं पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
विवाद बढ़ने से कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में इससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार वाहन चालकों तथा कर्मचारियों के बीच विवाद भी बढ़ जाते हैं, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। टोल प्लाजा पर नकद और डिजिटल दोनों तरह के भुगतान विकल्प उपलब्ध कराए जाएं, साथ ही कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और सरकार यूनियन से बातचीत करे। अनिश्चितकाल के लिए टोल फ्री करने की चेतावनी बीकेयू उगराहां के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो आने वाले दिनों में टोल प्लाजाओं को अनिश्चितकाल के लिए फ्री किया जा सकता है। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। किसान, मजदूर और अन्य संगठनों का समर्थन इस प्रदर्शन के दौरान किसान, मजदूर और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वे हर संघर्ष में उनके साथ खड़े रहेंगे। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन उगराहां के नेता रूप सिंह छन्नां, ब्लॉक प्रधान बलौर सिंह छन्नां, दर्शन सिंह भैणी महिराज, बलविंदर सिंह छन्नां, कृष्ण सिंह छन्नां सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
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