पूर्णिया में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 18 अप्रैल को समाहरणालय में स्पेशल कैंप लगेगा। पीएम सूर्य घर योजना के तहत समाहरणालय सभागार में विशेष कैंप लगाया जाएगा, जहां लोग सोलर पैनल से जुड़ी पूरी जानकारी ले सकेंगे और मौके पर ही आवेदन की प्रक्रिया भी समझ पाएंगे। डीएम अंशुल कुमार ने लोगों से सौर ऊर्जा अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे न सिर्फ बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 1 से 3 किलोवाट तक के सोलर पैनल पर अलग-अलग दर से सब्सिडी दी जा रही है। कैंप में सोलर एजेंसियों के प्रतिनिधि और बैंक अधिकारी मौजूद रहेंगे, जो लोगों को लोन और इंस्टॉलेशन से जुड़ी जानकारी देंगे। प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया कि सोलर पैनल लगाने के लिए बैंक 2 लाख रुपए तक का लोन उपलब्ध करा रहे हैं। 1-2 किलोवाट के सोलर पैनल की लागत करीब 60 हजार रुपए हाल में ही नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और बिजली विभाग ने कला भवन में सोलर मेला लगाया था। डीएम ने मेला का उद्घाटन किया था। सोलर अपनाने वाले उपभोक्ताओं को सम्मानित भी किया गया था। 1-2 किलोवाट के सोलर पैनल की लागत करीब 60 हजार रुपए है। जिसमें 30 हजार रुपए तक सब्सिडी मिलती है। यानी उपभोक्ताओं को सिर्फ आधी कीमत ही चुकानी होती है। अधिक क्षमता वाले पैनलों पर अधिकतम 78 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है।
सोरल से उत्पादन ज्यादा होने पर बिजली ग्रिड में भी भेजा जा सकता है
सोलर पैनल छत पर लगाए जाते हैं, जो सूरज की रोशनी से बिजली बनाते हैं। इन्वर्टर के जरिए इसे घरेलू उपयोग के लिए बदला जाता है। अगर आपकी खपत कम है और उत्पादन ज्यादा, तो अतिरिक्त बिजली नेट-मीटरिंग के जरिए ग्रिड में भेजी जा सकती है। जैसे-जैसे उपभोक्ता बढ़ रहे हैं, बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सौर ऊर्जा एक सस्ता और टिकाऊ विकल्प बनकर सामने आ रहा है।
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