सीहोर में एक महिला शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई। महिला का आरोप है कि सूदखोरों की धमकियों और गुंडागर्दी से प्रताड़ित होकर उसके पति ने आत्महत्या का प्रयास किया है। महिला ने आरोपियों के नाम लिखे बैनर-पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और अपने पति को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले सूदखोरों को गिरफ्तार करने की मांग की। गंगा आश्रम निवासी ज्योति बैस ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनिता रावत को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके पति फाइनेंस कंपनी के एजेंट हैं और लोगों को लोन दिलाने का काम करते हैं। आवश्यकता पड़ने पर उनके पति ने फारेस्ट कॉलोनी सीहोर निवासी कुछ लोगों से लगभग 10 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। बाद में ये लोग 10 से 20 प्रतिशत तक ब्याज वसूलने लगे। आरोप- पति दो बार आत्महत्या की कोशिश कर चुका
ज्योति बैस के अनुसार, उनके पति ने ब्याज के रूप में चार लाख रुपए से अधिक की राशि इन लोगों को चुका दी है। ब्याज चुकाने के लिए उनकी कार, नकदी, जेवर और यहां तक कि उनका घर भी बिक गया। संपूर्ण राशि मनमाने ब्याज पर लौटाने के बावजूद, सूदखोरों ने उनके पति के चेक और स्टाम्प पेपर वापस नहीं किए। इस प्रताड़ना के कारण उनके पति मानसिक रोग, शुगर और ब्लड प्रेशर से पीड़ित हो गए। उन्होंने दो बार आत्महत्या करने का प्रयास किया। ब्याज का पैसा नहीं देने पर सूदखोरों ने उनके पति के साथ मारपीट भी की, जिसके बाद उन्होंने सुसाइड नोट लिखकर कीटनाशक पी लिया। वर्तमान में वे भोपाल के एक अस्पताल में भर्ती हैं और जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। महिला ने बताया कि उन्होंने कोतवाली थाना पुलिस को आवेदन दिया है और सबूत भी सौंपे हैं, लेकिन आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनिता रावत ने पीड़िता से बातचीत की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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