सहरसा में सोमवार की सुबह करीब 8 बजे एक 16 वर्षिय नाबालिग नाव खेने के दौरान नदी में डूब गया। घनटास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि कोसी तटबंध के नोज नंबर 117 पर कटाव निरोधक कार्य चल रहा है। इसी दौरान कुछ लोग दूसरे छोर से नाव के सहारे आ रहे थे, इसी बीच संतुलन खोने से नाबालिग नदी में गिर गया। पूरा मामला सलखुआ क्षेत्र की है। बांस का डंडा से हाथ फिसला घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि नदी के द्वारा हो रहे कटाव को रोकने के लिए पिलरों को जोड़कर नाव के जरिए प्रभावित हिस्सों में डाला जा रहा था। जिस नाव का इस्तेमाल सामान ढोने के लिए हो रहा था उसे धर्मवीर कुमार (पिता- धर्मेंद्र चौधरी) खेने का काम कर रहा था। इसी दौरान उसका हाथ ‘लग्गा’ (बांस का डंडा) से फिसल गया और वह अनियंत्रित होकर गहरे पानी में समा गया। धर्मवीर जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र के पकियारा (वार्ड नंबर 7, महोसी) का निवासी था। ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मृतक की उम्र मात्र 16 वर्ष थी, जो बाल श्रम का स्पष्ट मामला है। इतने जोखिम भरे काम में एक नाबालिग को लगाया जाना गंभीर चिंता का विषय है। वहीं उन्होंने ठेकेदार पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। मजदूरों के पास लाइफ जैकेट नहीं इसके अतिरिक्त, उफनती नदी के बीच काम करने के बावजूद मजदूरों के पास लाइफ जैकेट या अन्य कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। कार्य का जिम्मा भीमनगर निवासी ठेकेदार बबलू यादव के पास बताया जा रहा है, जिन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर आरोप लग रहे हैं। घटनास्थल पर पहुंची SDRF की टीम हादसे के बाद सलखुआ और चिरैया पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ भी वहां जमा हो गई। दोपहर करीब 1 बजे SDRF की टीम ने घटनास्थल पर पहुँचकर शव की तलाश शुरू की। प्रशासन ने मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है। सलखुआ के प्रभारी थानाध्यक्ष दिलीप कुमार चौधरी ने बताया की एस डी आर एफ की टीम खोज कर रही हैं। अभी तक नाबालिग का पता नहीं चला है।
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