सहरसा GeM निविदा विवाद पर सिविल सर्जन की सफाई:टेक्निकल एरर के कारण विवाद, आरोपों को किया खारिज




सहरसा में स्वास्थ्य विभाग के GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल पर 16 प्रकार की सामग्रियों की निविदा को लेकर उठे विवाद पर सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह विवाद तकनीकी त्रुटि के कारण उत्पन्न हुआ, इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। डॉ. राज नारायण प्रसाद ने बताया कि पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण केवल एक थर्मामीटर ही प्रदर्शित हो रहा था, जबकि अन्य 15 प्रकार की सामग्रियां दिखाई नहीं दे रही थीं। इस निविदा प्रक्रिया में कुल छह फर्मों ने भाग लिया था, जिनमें से तीन को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अयोग्य घोषित कर दिया गया था। कोसी प्रमंडल के आयुक्त के समक्ष परिवाद दायर किया था एक फर्म संचालक ने इस निविदा के खिलाफ कोसी प्रमंडल के आयुक्त के समक्ष परिवाद दायर किया था। आयुक्त ने 30 मार्च को सुनवाई के बाद परिवाद को निरस्त कर दिया और सिविल सर्जन को अपने स्तर से निर्णय लेने का निर्देश दिया। सिविल सर्जन ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने बिना पूरी जानकारी के इस मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ाया और सोशल मीडिया सहित विभिन्न मंचों पर स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च को ही आवंटन सरेंडर कर दिया गया था, जिसके कारण किसी भी प्रकार की सामग्री की खरीद नहीं की गई। मोबाइल और कार्यालय में धमकियां मिल रही – डॉ. प्रसाद डॉ. प्रसाद ने बताया कि उन्हें इस प्रकरण को लेकर मोबाइल और कार्यालय में धमकियां मिल रही हैं। इस संबंध में उन्होंने प्रमंडलीय आयुक्त को पहले ही सूचित कर दिया है और सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन भी दिया गया है। साथ ही, वरीय अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है और किसी भी प्रकार की भ्रांति फैलाने वालों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



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