चित्तौड़गढ़ जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चल रहे विशेष “म्यूल हंटर” अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध बैंक खातों का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ऐसे खातों की पहचान की, जिनका उपयोग देश के अलग-अलग राज्यों में हुई साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने खाताधारकों तक पहुंचकर उनसे पूछताछ की और पूरे मामले का खुलासा किया। जांच में यह सामने आया कि कुछ स्थानीय लोग अपने दोस्तों और परिचितों के कहने पर मामूली कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों का इस्तेमाल करने दे रहे थे। पुलिस ने इन मामलों में नोटिस जारी कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और साफ किया है कि ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी। देवाखेड़ा मामला: 2 लाख की ठगी राशि खाते में आई, निकालकर दोस्त को सौंपे, 10 हजार में सौदा पहले मामले में पुलिस ने एसबीआई बैंक खाते की जांच की, जो कर्नाटक के बैंगलुरु में दर्ज साइबर ठगी के केस से जुड़ा पाया गया। शिकायत के अनुसार 22 जनवरी 2025 को 2 लाख रुपए की ठगी की राशि इस खाते में ट्रांसफर हुई थी। जब पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड खंगाला, तो पता चला कि यह खाता भादसौड़ा थाना क्षेत्र के देवाखेड़ा गांव निवासी मुकेशदास बैरागी के नाम पर है। इसके बाद पुलिस टीम गांव पहुंची और मुकेशदास से पूछताछ की, जिसमें उसने पूरे मामले की जानकारी दी। पूछताछ में सामने आया कि उसके दोस्त लोकेश भट्ट ने यह रकम उसके खाते में डलवाई थी। इसके बाद मुकेशदास ने सावंरिया जी स्थित एसबीआई शाखा से चेक के जरिए 2 लाख रुपए नगद निकाले और पूरी राशि लोकेश को दे दी। इस काम के बदले उसे 10 हजार रुपए कमीशन के तौर पर मिले। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि यह काम पहले से योजना बनाकर किया गया था, ताकि ठगी की रकम को आसानी से निकाला जा सके। इस मामले में पुलिस ने मुकेशदास को नोटिस देकर जांच में शामिल किया है, जबकि लोकेश भट्ट को भी नोटिस जारी किया गया, लेकिन वह अब तक पेश नहीं हुआ है। अचलपुरा-पिपलवास मामला: 9 लाख से ज्यादा ठगी राशि खाते में आई, जोधपुर में निकालकर सौंप दी दूसरे मामले में पुलिस ने एसबीआई बैंक खाते की जांच की, जो भदेसर थाना क्षेत्र के अचलपुरा निवासी भगवती लाल मेघवाल के नाम पर है। जांच में सामने आया कि इस खाते के खिलाफ महाराष्ट्र के अहमदनगर और दिल्ली में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। इन मामलों में जनवरी 2026 के दौरान करीब 9 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी की राशि इस खाते में ट्रांसफर हुई थी। पुलिस ने जब गहराई से जांच की तो पता चला कि इस खाते का इस्तेमाल भी ठगी की रकम निकालने के लिए किया गया। पूछताछ में भगवती लाल मेघवाल ने बताया कि उसके दोस्त शोभालाल मेघवाल ने उसके खाते का उपयोग किया था। वह उसे अपने साथ जोधपुर लेकर गया, जहां भगत की कोठी स्थित एसबीआई शाखा से अलग-अलग चेक के जरिए लाखों रुपए नगद निकाले गए। इसके बाद यह रकम शोभालाल के एक साथी को जोधपुर में ही सौंप दी गई। इस काम के बदले भगवती लाल को भी 10 हजार रुपए कमीशन के रूप में मिले। इस मामले में पुलिस ने दोनों को नोटिस देकर जांच की पालना करवाई है। सख्त कार्रवाई जारी रहेगी दोनों मामलों में पुलिस जांच से यह साफ हुआ कि आरोपी सीधे ठगी नहीं कर रहे थे, लेकिन अपने बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम को निकालने और आगे पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे थे। पुलिस के अनुसार ऐसे खातों को “म्यूल अकाउंट” कहा जाता है और यह भी एक गंभीर अपराध है। चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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