तरनतारन पुलिस ने गांव चिमा खुर्द में हुई हत्या के मामले को सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 11 अप्रैल 2026 को हुई थी, जिसमें खजान सिंह नामक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई थी। शिकायतकर्ता वरिंदर सिंह उर्फ राजा ने पुलिस को बताया कि 11 अप्रैल 2026 को रात करीब 8 बजे उनके पिता खजान सिंह घर के बाहर गली में खड़े थे। इसी दौरान हुसनप्रीत सिंह उर्फ हुसन, भीखी, टुटा सिंह और यादू ने सुखमन सिंह और जोबनजीत सिंह पर कड़े से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। पिस्तौल से चलाई थी गोलियां खजान सिंह ने हमलावरों को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद चारों आरोपी मौके से चले गए, लेकिन लगभग 20 मिनट बाद एक अन्य व्यक्ति के साथ वापस लौटे। उनमें से एक ने घर के पास लगे ट्रांसफार्मर पर ईंट मारी और पिस्तौल से दो गोलियां चलाईं। एक गोली खजान सिंह के सिर में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली लगने के बाद सभी आरोपी अपने हथियारों के साथ मौके से फरार हो गए। वरिंदर सिंह अपने पिता खजान सिंह, सुखमन सिंह और जोबनजीत सिंह को कसेल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने खजान सिंह को मृत घोषित कर दिया। सुखमन सिंह और जोबनजीत सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया। फरार आरोपियों की तलाश तरनतारन पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस से पता लगाया कि इस केस में वॉन्टेड देसी प्रिंस उर्फ भीखी निवासी चीमा कलां, वंश सिंह उर्फ यादू निवासी चीमा कलां और ऐश सिंह उर्फ नोनी निवासी चीमा कलां, जुगराज सिंह उर्फ मोनी निवासी चीमा कलां इस समय गांव चीमा कलां के पास घूम रहे हैं, जिस पर थाना सराय अमानत खां की पुलिस ने इन चारों लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अंश और जुगराज को इस केस में नामजद करके आगे की पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि गांव में उनके बीच झगड़ा हुआ था। आरोपियों को कोर्ट में पेश करके 3 दिन के रिमांड पर लिया गया है। बाकी आरोपी हुसनप्रीत सिंह उर्फ हुसन निवासी चीमा कला, टूटा सिंह निवासी चीमा कलां, जगदीप सिंह उर्फ टप्पे निवासी चीमा कलां को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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