वृंदावन नाव हादसे में जान गंवाने वाली सपना हंस का मंगलवार को मोगा में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके छोटे पुत्र कुणाल हंस ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में शहरवासी, रिश्तेदार और परिचित मौजूद रहे, जिन्होंने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। सपना हंस का बड़ा बेटा निखिल हंस कनाडा में है। पासपोर्ट संबंधी कारणों से अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि वह मां के भोग में आएगा। नाव में श्रद्धालु सवार थे 33 जानकारी के अनुसार, हादसे के समय नाव में कुल 33 श्रद्धालु सवार थे। प्रत्यक्षदर्शी सरोज ने बताया कि नाव एक अस्थायी पुल के रस्सों से टकराकर असंतुलित हो गई और पलट गई। घटना इतनी अचानक हुई कि सवार लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। मौके पर मौजूद अन्य नाव चालकों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। सरोज ने यह भी बताया कि जिस स्थान पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा था, वहां प्रशासन की ओर से कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था। उनका कहना था कि यदि पहले से चेतावनी दी गई होती, तो शायद यह हादसा टल सकता था। सपना की मौत के बाद इलाके में शोक की लहर समाजसेवी अनमोल शर्मा ने बताया कि सपना हंस पिछले कई वर्षों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय थीं। वह जरूरतमंदों की सेवा में हमेशा आगे रहती थीं और हाल ही में नवरात्रों के दौरान भी उन्होंने बढ़-चढ़कर सेवा कार्य किए थे। उन्होंने कहा कि सपना हंस और रीमा हंस की जोड़ी समाजसेवा में एक मिसाल मानी जाती थी। इस दुखद घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है। स्थानीय लोग प्रशासन से ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
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