संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने सुनी जनता की समस्याएं:मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए




झालावाड़ में गुरुवार को मिनी सचिवालय स्थित वी.सी. रूम में जिला स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कोटा संभागीय आयुक्त एवं जिले के प्रभारी सचिव अनिल कुमार अग्रवाल ने इसकी अध्यक्षता की, जिसमें 40 से अधिक प्रकरणों की सुनवाई हुई। जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने मुआवजा, जमीन से अवैध कब्जा हटवाने, आवासीय पट्टे, श्रम विभाग की छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत रिफंड और पेंशन राशि नहीं मिलने जैसी विभिन्न समस्याएं प्रस्तुत कीं। इसके अतिरिक्त, पेयजल, विद्युत, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, सड़क, चिकित्सा, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें भी प्राप्त हुईं। संभागीय आयुक्त अग्रवाल ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए। कई मामलों में तत्काल राहत प्रदान की गई, जबकि शेष लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि जनसुनवाई केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि आमजन को राहत पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रार्थना पत्रों पर निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई की जाए और परिवादियों को राहत प्रदान की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित प्रकरणों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा भी की। अग्रवाल ने निर्देश दिए कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निस्तारण संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ किया जाए।इस अवसर पर जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों में गंभीरता बरतने और प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्यवाही निर्धारित करने के निर्देश दिए।जनसुनवाई में अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनुराग भार्गव, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभुदयाल मीणा, उपखंड अधिकारी अभिषेक चारण सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। राजस्थान व्यापार प्रोत्साहन नीति-2025 लागू: 2 करोड़ तक सस्ता लोन, ब्याज अनुदान और फीस में बड़ी राहत राज्य में व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने राजस्थान व्यापार प्रोत्साहन नीति-2025 लागू कर दी है। इस नीति के तहत नए उद्यमियों और व्यापारियों को कम लागत पर ऋण, ब्याज अनुदान और विभिन्न शुल्कों में राहत जैसी सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक शंभु सिंह रावत ने बताया कि इस नीति के माध्यम से व्यापार शुरू करने के लिए आसान ऋण उपलब्ध होगा। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ भी बेहतर तरीके से मिल सकेगा। वित्तीय संस्थानों के जरिए दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज अनुदान, सीजीटीएमएसई फीस, इंश्योरेंस प्रीमियम और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस में सहायता दी जाएगी। नीति के तहत व्यापारियों को अधिकतम 2 करोड़ रुपए तक का ऋण मिल सकेगा। परियोजना लागत का 80 प्रतिशत तक लोन उपलब्ध होगा। इसके अलावा 5 साल तक सीजीटीएमएसई गारंटी फीस का 50 प्रतिशत पुनर्भरण भी किया जाएगा। इंश्योरेंस और ई-कॉमर्स क्षेत्र में भी राहत दी गई है। इंश्योरेंस प्रीमियम का 50 प्रतिशत (अधिकतम 1 लाख रुपए सालाना) और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस का 75 प्रतिशत (अधिकतम 50 हजार रुपए सालाना) वापस किया जाएगा। यह सुविधा जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, झालावाड़ के माध्यम से मिलेगी। ब्याज अनुदान भी इस नीति की खास बात है। 1 करोड़ रुपए तक के ऋण पर 6 प्रतिशत और 1 से 2 करोड़ रुपए तक के ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। महिला, एससी/एसटी और दिव्यांग उद्यमियों को 1 करोड़ तक के ऋण पर अतिरिक्त 1 प्रतिशत छूट मिलेगी। ऋण की अवधि अधिकतम 7 वर्ष और ब्याज अनुदान 5 वर्ष तक लागू रहेगा। योजना का लाभ लेने के लिए एसएसओ आईडी के जरिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए जनआधार, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और प्रोजेक्ट रिपोर्ट जैसे दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी होना जरूरी है। नीति से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, झालावाड़ से संपर्क किया जा सकता है।



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