खरगोन जिले में खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था से किसान परेशान हैं। इसी बीच, उमरखली क्षेत्र में डाय अमोनियम फास्फेट (डीएपी) खाद की बोरियों में 100 से 400 ग्राम तक कम खाद मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। शुक्रवार को जब किसान खाद लेने पहुंचे और उन्होंने समिति के इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे पर बोरियों का वजन किया, तो उनमें 100 ग्राम से लेकर 400 ग्राम तक खाद कम पाया गया। किसानों ने तत्काल इसकी शिकायत सोसाइटी प्रबंधक पूर्वा चौहान से की। सोसाइटी प्रबंधक पूर्वा चौहान ने कंपनी स्तर पर ही कम पैकिंग की आशंका जताई है। उन्होंने इस पूरे मामले से जिला प्रशासन, जिला सहकारी बैंक और कृषि विभाग को अवगत कराया है। वरिष्ठ कार्यालय को सूचित किया
कोठा बुजुर्ग के किसान विशाल कुमरावत ने बताया कि कई किसान बिना तौल किए ही खाद ले जा रहे हैं। उन्होंने कुछ बोरियों का तौल किया तो उनमें 100 ग्राम से 400-500 ग्राम तक खाद कम निकला। राजेश कुशवाह और अजय कुशवाह ने भी सोसाइटी के इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे पर कम वजन पाया। किसानों ने बताया कि 50 किलो की डीएपी खाद की बोरी का निश्चित भाव 1350 रुपए है। सोसाइटी मैनेजर पूर्वा चौहान ने पुष्टि की कि उमरखली केंद्र से कुमारखेड़ा और कोठा बुजुर्ग समितियों को खाद भेजा जाता है। उन्होंने स्वीकार किया कि 400 ग्राम तक कम खाद निकलने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि खाद के वाहन सोसाइटी में भेजे गए थे और इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय को सूचित कर दिया गया है।
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