भिंड में हथियारों के फर्जी लाइसेंस बनाने वाला गिरोह पकड़ा:3 लाख में थमा देते थे फर्जी लाइसेंस, यूपी-महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में था नेटवर्क

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भिंड जिले में संगठित रूप से चल रहे फर्जी आर्म्स लाइसेंस रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में कलेक्ट्रेट के दो कर्मचारियों समेत अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी करीब 3 लाख रुपए में फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर लोगों को थमा देते थे। पुलिस ने लहार क्षेत्र से सुनील शर्मा और उनके बेटे प्रांशु शर्मा को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि सुनील के खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं, इसलिए उसने अपने बेटे के नाम पर फर्जी लाइसेंस बनवाया था। ऑनलाइन दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर बनाते थे लाइसेंस डीआईजी व भिंड एसपी डॉ. असित यादव के निर्देश पर साइबर टीम ने ‘नेटग्रिड’ के माध्यम से जांच की। जांच में पता चला कि गिरोह पैन कार्ड, आधार कार्ड और फोटो जैसे दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर ऑनलाइन फर्जी लाइसेंस तैयार करता था। इन लाइसेंसों पर क्यूआर कोड और जिला अधिकारी भिंड का नाम भी अंकित होता था, ताकि किसी को शक न हो। गिरफ्तार आरोपियों के नाम
रोहित चांडोले (नासिक), प्रवीण भावरे (नासिक), सतीश चंद्र (नासिक), सतीश त्रिपाठी (टोला रावतपुरा, भिंड), पुष्पेंद्र राजावत (भिंड), अवरार खान (भिंड), रामसेवक कोरकू (भृत्य, कलेक्ट्रेट कार्यालय), मधुबाला मौर्य (आर्म्स शाखा, भिंड), अजीत कुशवाह (भिंड), सुमेर यादव (उमरी), राधाचरण नायक (सरावन, जिला जालौन, यूपी), राहुल पाटिल (नासिक), प्रांशु शर्मा (लहार) और सुनील शर्मा (लहार)। पोर्टल जांच में खुली पोल जब इन लाइसेंसों की पोर्टल पर जांच की गई तो कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद खुलासा हुआ कि कलेक्ट्रेट की आर्म्स शाखा के कर्मचारियों की मिलीभगत से यह रैकेट चल रहा था। पुलिस ने आर्म्स शाखा की कर्मचारी मधुबाला मौर्य और रामसेवक कोरकू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच जारी है। गिरफ्तार 13 आरोपियों में से 5 ऐसे हैं, जिन्होंने अपने या अपने परिजनों के नाम पर फर्जी लाइसेंस बनवाए थे। कई राज्यों तक फैला नेटवर्क पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 10 पिस्टल (32 बोर) और एक 315 बोर की रायफल बरामद की है। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने ग्वालियर-चंबल संभाग सहित मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और जम्मू जैसे राज्यों के पते पर भी फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। पुलिस अन्य संदिग्धों की सूची तैयार कर आगे की जांच कर रही है।

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