मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार स्कीम वापस ले सरकार:एडवोकेट अरोड़ा का चीफ सेक्रेटरी को पत्र; नोटिफिकेशन वापस न लिया तो करेंगे PIL दायर




पंजाब सरकार की तरफ से शुरू की गई मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार स्कीम के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने मुख्य सचिव को पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र में मांग की है कि यदि एक सप्ताह के भीतर योजना को वापस नहीं लिया गया या संपन्न वर्गों को इससे बाहर नहीं किया गया, तो वे हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करेंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। योजना के तहत पंजाब की 18 साल से ऊपर की सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये देने का प्रावधान है। योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है और जुलाई से यह राशि महिलाओं के खातों में जाएगी। एचसी अरोड़ा द्वारा लिखे पत्र को पांच प्वाइंटों में जानिए 1. चुनावों पर प्रभाव पड़ेगा
एडवोकेट का तर्क है कि पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं (सितंबर 2026 के बाद कभी भी घोषित हो सकते हैं)। ऐसे समय में यह योजना लागू करना सत्तारूढ़ दल द्वारा मतदाताओं को लुभाने के लिए “मुफ्त उपहार” या “रिश्वत” के समान है, जो निष्पक्ष चुनाव के खिलाफ है। 2. हाईकोर्ट के फैसले का उल्लंघन
पत्र में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक फैसले (30.03.2026) का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल उन लोगों को मिलना चाहिए जो आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हैं। 3.अमीर वर्गों को लाभ
पत्र में आपत्ति जताई गई है कि इस योजना के तहत आयकरदाताओं, सरकारी कर्मचारियों और यहां तक कि सांसदों (MPs) व विधायकों (MLAs) की बेटियों और पत्नियों को भी वित्तीय सहायता का पात्र बनाया गया है, जबकि उनके पास पर्याप्त आय है। 4. हितों का टकराव
यह तर्क दिया गया है कि मंत्रिपरिषद या विधानसभा अपने ही सदस्यों (विधायकों/मंत्रियों) की बेटियों को वित्तीय लाभ देने का प्रस्ताव पारित नहीं कर सकती, क्योंकि यह हितों के टकराव का मामला है और संवैधानिक प्रावधानों के विरुद्ध है। 5. कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
यदि इस योजना को एक सप्ताह के भीतर वापस नहीं लिया गया या संपन्न वर्गों को इससे बाहर नहीं किया गया, तो एडवोकेट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करने की चेतावनी दी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *