पठानकोट जिला प्रशासन किसी भी प्रकार की आपदा या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। कल 24 अप्रैल को शहर में एक बड़ा सुरक्षा अभ्यास (मॉक ड्रिल) किया जाएगा। इसके तहत शाम को रेलवे स्टेशन पर बचाव अभियान चलाया जाएगा और रात को ‘ब्लैक आउट’ किया जाएगा। इस बाबत अतिरिक्त उपायुक्त ( एडीसी जनरल) संजीव शर्मा ने जिला प्रबंधकीय कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान इस अभ्यास की रूपरेखा तैयार की। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास के माध्यम से ये पता लगाया जाएगा कि अगर ऐसी स्थिति बनती है तो जिला प्रशासन इसके लिए कितना तैयार है। ये विभाग होंगे मॉक ड्रिल में शामिल
बता दें, शुक्रवार शाम 5 बजे पठानकोट सिटी रेलवे स्टेशन के गेट नंबर एक पर मॉक ड्रिल शुरू होगी। इस दौरान पूरा एरिया कार्डन ऑफ किया जाएगा। इसमें सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग की टीमें हिस्सा लेंगी। एडीसी संजीव शर्मा ने स्पष्ट किया कि इस अभ्यास का उद्देश्य भविष्य में आने वाली किसी भी आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम करना और विभागों के बीच तालमेल को परखना है। रात 10 मिनट के लिए बिजली होगी गुल
एडीसी संजीव शर्मा ने बताया कि रात 8 बजे पठानकोट में ‘ब्लैक आउट’ किया जाएगा। इससे पहले 7:58 पर 2 मिनट का सायरन बजेगा। इस दौरान रात 8 से 8 :15 तक यानि 15 मिनट के लिए पठानकोट में अंधेरा छाएगा। इस दौरान लोगों को घरों में रहने की अपील की गई है। उसके बाद 8 बजकर 15 मिनट के बाद फिर 2 मिनट का सायरन बजेगा और ब्लैक आउट का प्रोसेस पूरा हो जाएगा। फिर लोग आम दिनों की तरह काम कर सकेंगे। ब्लैक आउट का असर ग्रामीण इलाकों में नहीं दिखेगा
एडीसी संजीव शर्मा ने बताया कि ब्लैक आउट केवल नगर निगम पठानकोट के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी 50 वार्डों में होगा। ब्लैक आउट का असर ग्रामीण इलाकों में नहीं दिखेगा। गांवों में आम दिनों की तरह बिजली आपूर्ति जारी रहेगी। एडीसी की जनता से अपील
एडीसी संजीव शर्मा ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि जैसे ही सायरन की आवाज सुनाई दे, लोग अपने घरों के अंदर और बाहर की सभी लाइटें बंद कर दें। ब्लैक आउट के दौरान घरों के बाहर लगी इन्वर्टर वाली लाइटों को भी बंद रखने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को उम्मीद है कि पठानकोट का हर नागरिक इस मॉक ड्रिल में अपना सहयोग देकर एक जिम्मेदार नागरिक होने का कर्तव्य निभाएगा।
घबराएं नहीं, यह केवल सुरक्षा अभ्यास,वास्तविक खतरा नहीं
एडीसी संजीव शर्मा ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि शहर के लोग इस अभ्यास से घबराएं नहीं। यह केवल भविष्य की सुरक्षा के लिए एक अभ्यास है। इसमें कोई वास्तविक खतरा नहीं है। इस अभ्यास का उद्देश्य भविष्य में आने वाली किसी भी आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम करना और विभागों के बीच तालमेल को परखना है।
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