एक मई से घर-घर जाकर मकानों की गणना करने के पहले जनगणना आयुक्त के निर्देश पर गुरुवार से स्वगणना का कार्यक्रम शुरू होने वाला है। इस दौरान जनगणना के कार्य से जुड़े अधिकारी मुख्यमंत्री, राज्यपाल समेत अन्य प्रमुख नेताओं से स्वगणना की कार्यवाही शुरू करा सकत
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16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक होने वाली स्वगणना में कोई भी व्यक्ति खुद ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपने मकान से संबंधित 33 सवालों के जवाब दे सकेंगे। इसके बाद एक मई से प्रगणक घर-घर पहुंचकर जानकारी का सत्यापन करेंगे और जिन लोगों द्वारा ऑनलाइन जानकारी नहीं भरी जाएगी, उनकी जानकारी लेकर जनगणना साॅफ्टवेयर पर अपलोड करेंगे।
बताया जाता है कि सेल्फ एनुमरेशन पोर्टल https://se.census.gov.in 15 दिन तक रोज सुबह 6 से रात 12 बजे तक खुला रहेगा। प्रदेश का कोई भी नागरिक इस पोर्टल पर स्व-गणना में भाग लेकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकता है। इस प्रक्रिया में 15 से 20 मिनट का समय लगेगा।
सही लोकेशन के लिए डिजिटल मैप पर घर मार्क करना होगा, जिसमें लैपटॉप या डेस्कटॉप बेहतर रहेगा, हालांकि मोबाइल से भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। स्व-गणना के लिए एरिया पिनकोड जरूरी होगा।
स्व-गणना से जुड़े सवाल-जवाब
- सवाल- स्व-गणना क्या है? इससे क्या लाभ है?
- जवाब- यह ऑनलाइन प्रक्रिया है, जिसमें कोई भी व्यक्ति खुद अपने भवन और परिवार की जानकारी दे सकेगा। प्रगणक आने पर सिर्फ आईडी दिखाकर सत्यापन किया जा सकेगा।
- सवाल- स्व-गणना कहां और कैसे कर सकते हैं?
- जवाब- https://se.census.gov.in पोर्टल पर स्व-गणना कर सकते हैं। इसमें 15-20 मिनट लगेंगे।
- सवाल- किन जानकारियों की आवश्यकता होगी?
- जवाब- मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर देना होगा। पंजीकरण के बाद नाम और भाषा नहीं बदल सकते। एक नंबर से एक ही परिवार का रजिस्ट्रेशन होगा।
- सवाल- घर की लोकेशन कैसे मार्क करेंगे?
- जवाब- जिला और पिनकोड डालने के बाद क्षेत्र चुनना होगा। इसके बाद मैप खुलेगा, लाल मार्कर को खींचकर अपने घर पर सेट कर सकेंगे। यही लोकेशन प्रगणक के लिए पहचान बनेगी।
- सवाल- प्रश्नावली में कितने सवाल पूछे जाएंगे?
- जवाब- मकान और परिवार से जुड़े 33 सवाल होंगे। इसमें घर की दीवार, छत, फर्श, पानी, बिजली, शौचालय, गैस; टीवी, मोबाइल, वाहन और अनाज से संबंधित जानकारी होगी।
- सवाल- जानकारी भरने के बाद क्या होगा?
- जवाब- डेटा भरने के बाद प्निव्यू फाइल बनेगी। जांच के बाद सबमिट करने पर 11 अंकों की सेल्फ एनुमरेशन आईडी मिलेगी। इसे नोट कर या स्क्रीनशॉट ले सकेंगे। एसएमएस और ईमेल पर भी जानकारी आएगी।
- सवाल- क्या फाइनल सबमिट के बाद जानकारी सुधार सकते हैं?
- जवाब- खुद सुधार नहीं कर सकते। जरूरत होने पर प्रगणक के आने पर सुधार करवा सकते हैं।
- सवाल- प्रगणक के घर आने पर क्या करना होगा?
- जवाब- सेल्फ एनुमरेशन आईडी दिखानी होगी। मिलान होने पर डेटा स्वीकार होगा, नहीं मिलने पर प्रगणक दोबारा जानकारी लेगा।
स्वगणना की प्रक्रिया ऐसे अपनाई जा सकेगी
स्वगणना के लिए रजिस्ट्रेशन काने पोर्टल पर मप्र चुनें, परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें। इसके बाद अपनी भाषा चुनें, मोबाइल पर आए ओटीपी से खुद को वेरिफाई करें। साथ ही लोकेशन सेट करें और इसके लिए जिला और एरिया का पिनकोड डालें।
पिनकोड डालते ही मैप खुलेगा। लाल मार्कर खींचकर अपने घर पर सेट करें। इसके बाद 33 सवालों के जवाब भरने होंगे। फिर डेटा जांचकर सबमिट करें, 11 अंकों की आईडी मिलेगी। इसे सेव कर सकेंगे या स्क्रीनशॉट रख सकते हैं।
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