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टेलीग्राम में ग्रुप और चैनल बनाकर करीब 7 हजार से अधिक लोगों के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ‘आरसीएम प्लस’ नाम से ग्रुप चलाता था और बैंक मैसेज को एडिट कर ग्राहकों को फर्जी क्रेडिट-डेबिट मैसेज भेजकर भरोसे में लेकर ठगी करता था
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आरोपी रामकैलाश पुत्र शिवकरण निवासी सिणोद ने पूछताछ में बताया कि वह लोगों को टास्क पूरा करने, साइन अप बोनस और पैसा दोगुना करने जैसे झूठे प्रलोभन देकर ठगी का शिकार बनाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फ्रॉड में यूज किए 5 मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद की है।
खींवसर थाना पुलिस ने आरोपी से 5 मोबाइल भी जब्त किए हैं।
खेतों में बने कमरे से चलाता था गिरोह एसपी रोशन मीना के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत खींवसर थानाधिकारी अदिति उपाध्याय के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। पुलिस को संदिग्ध मोबाइल नंबर की लोकेशन सरहद सिणोद के खेतों में एक खंडहरनुमा कमरे में मिली। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपी रामकैलाश को डिटेन किया।
रेफरल इनकम और रेटिंग जैसे टास्क देकर करते थे ठगी आरोपी ग्राहकों को टेलीग्राम टास्क, रेफरल इनकम और रेटिंग जैसे प्रलोभन देता था। वेबसाइट पर दिखने वाला पैसों का इंटरफेस पूरी तरह फर्जी और कस्टमाइज्ड होता था। एक वेबसाइट से ठगी करने के बाद आरोपी दूसरी नई वेबसाइट बना लेता था। मामले में प्रहलाद राम और किसनाराम नाम के दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप बना रखे थे सदर थानाधिकारी RPS विनोद शिवरान ने बताया कि शुरूआती जांच में सामने आया है कि इन लोगों ने RCM प्लस नाम से वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप और वेबसाइट बना रखे थे। मुख्य यूज टेलीग्राम ग्रुप का ही था। यहां से यह लोगों को टास्क देते थे। करीब 7000 लोगों को ग्रुप में जोड़ रखा था, लेकिन इनमें कई फेक अकाउंट भी जोड़ रखे थे, जिससे नए आने वाले यूजर को संख्या दिखाकर भी झांसे में लिया जा सके। हालांकि अब तक कितनी ठगी हुई है, इसकी जांच कर रहे हैं।
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