किशनगंज में अवैध लेनदेन पर बड़ा एक्शन:5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी, विदेशी फंडिंग के एंगल की जांच




किशनगंज में अवैध लेनदेन और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। रविवार को जिले के अलग-अलग इलाकों में एक साथ पांच स्थानों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। इसे बड़े नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। पांच ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर चल रहे इस ऑपरेशन में अलग-अलग टीमों ने एक साथ पांच जगहों पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान संबंधित लोगों के बैंक खातों, वित्तीय दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में कुछ अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिनसे संदिग्ध लेनदेन के नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। विदेशी फंडिंग का एंगल भी आया सामने जांच के दौरान विदेशी फंडिंग का एंगल भी सामने आया है। आशंका जताई जा रही है कि संदिग्ध लेनदेन के तार विदेशों से जुड़े हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बैंक ट्रांजेक्शन, विदेशी रेमिटेंस और संबंधित लोगों के संपर्कों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अगर विदेशी फंडिंग से जुड़े ठोस सबूत मिलते हैं, तो मामला केंद्रीय एजेंसियों को भी सौंपा जा सकता है। एडीएम और डीएसपी कर रहे मॉनिटरिंग इस पूरे ऑपरेशन में जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। टीम में एडीएम और डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं, जो मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह छापेमारी ठोस साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और बिना पुख्ता सबूतों के किसी पर आरोप नहीं लगाया जाएगा। दस्तावेज और प्रॉपर्टी रिकॉर्ड खंगाले जा रहे छापेमारी के दौरान टीमों ने संदिग्ध लोगों के घरों और ठिकानों से बैंक से जुड़े कागजात, प्रॉपर्टी रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला है। इन दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और इसका दायरा कितना बड़ा है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जिला प्रशासन ने इस अभियान को भ्रष्टाचार और अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीमावर्ती जिला होने से बढ़ी संवेदनशीलता किशनगंज सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां अवैध लेनदेन और विदेशी फंडिंग से जुड़ी गतिविधियां पहले भी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता का विषय रही हैं। ऐसे में इस तरह की छापेमारी को काफी अहम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों में चर्चा तेज छापेमारी की खबर सामने आते ही स्थानीय लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे प्रशासन की सख्ती के तौर पर देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है और आगे और खुलासे हो सकते हैं। अभी जारी है कार्रवाई प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, छापेमारी की कार्रवाई अभी जारी है। आने वाले घंटों में और भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और हर पहलू की गहनता से जांच कर रही हैं।



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