अररिया पुलिस ने जिले को ड्रग्स मुक्त बनाने और युवाओं को नशे की लत से बचाने के उद्देश्य से स्मैक के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस ‘मिशन मोड’ अभियान के तहत, पिछले चार दिनों में 700 ग्राम स्मैक बरामद की गई है और 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि अभियान शुरू होने के बाद से बरामदगी और गिरफ्तारियों में लगातार वृद्धि हो रही है। उनके निर्देश पर जिले के सभी थाना प्रभारी, अंचल पुलिस निरीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी इस अभियान में शामिल हैं। एसपी जितेंद्र कुमार ने स्मैक को विशेष रूप से निशाना बनाने का कारण बताया। उन्होंने कहा कि स्मैक की बरामदगी पुलिसिंग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि छोटे बच्चे और युवा इसकी लत में आसानी से फंस जाते हैं, जिससे उन्हें बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसलिए पुलिस ने स्मैक पर विशेष प्रहार किया है। सूनचाओं के आधार पर बरामदगी उन्होंने यह भी बताया कि अभियान के तहत आज भी कई जगहों पर बरामदगी हुई है और यह अभियान लगातार जारी रहेगा। एसपी ने अभियान की सफलता का श्रेय गुप्त सूचनाओं को दिया। उन्होंने कहा कि सभी बरामदगियां आमजन से मिली गुप्त सूचनाओं पर आधारित हैं, और पुलिस हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई कर रही है। जितेंद्र कुमार ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास स्मैक की तस्करी, बिक्री या सेवन की कोई घटना हो रही हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। नशा तस्करों के खिलाफ जंग जारी उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता का सहयोग ही इस अभियान को और अधिक प्रभावी बना सकता है। एसपी ने दोहराया कि नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की जंग बिना रुके जारी रहेगी, क्योंकि अररिया जिले में नशे की समस्या युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रही है। स्मैक जैसा सस्ता और आसानी से उपलब्ध नशा स्कूली बच्चों तक पहुंच रहा है, जिससे परिवारों में आर्थिक और सामाजिक तनाव बढ़ रहा है। पुलिस का यह मिशन मोड अभियान न केवल तस्करों पर लगाम कसने का प्रयास है, बल्कि समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि सख्त कार्रवाई और जन सहयोग से जिले से नशे की जड़ें उखाड़ी जा सकती हैं। अभियान के दौरान और भी बड़ी बरामदगी की संभावना जताई जा रही है।
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