भागलपुर में नगर निगम की सामान्य बोर्ड की बैठक आज हंगामेदार माहौल में हुई। बैठक की शुरुआत से ही पार्षदों में नाराजगी देखने को मिली। बैठक में देरी को लेकर पार्षदों ने मेयर डॉ. वसुंधरा लाल और डिप्टी मेयर के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। इस दौरान कई बार शोर होता रहा। वार्ड संख्या-20 के पार्षद शांडिल्य नंदिकेश ने ढेवर गेट क्षेत्र के विकास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस इलाके की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है। पार्षद ने इस्तीफा देने की चेतावनी दी नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि यदि जल्द विकास कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे अपने पद से इस्तीफा देने को मजबूर होंगे। उनके इस बयान के बाद सदन में हलचल तेज हो गई। वहीं, वार्ड 13 के पार्षद रंजीत यादव से जुड़े विवाद ने भी बैठक का माहौल और अधिक तनावपूर्ण बना दिया। इस मुद्दे को लेकर अन्य पार्षदों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और सदन में तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप-प्रत्यारोप के बीच कई बार स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखी। बैठक के दौरान प्याऊ योजना, स्मार्ट सिटी परियोजना और शहर के दक्षिणी क्षेत्र के विकास जैसे अहम मुद्दे भी उठाए गए। कुछ पार्षदों ने नगर निगम के कार्यालय अधीक्षक की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए प्रशासनिक सुधार की मांग की। नगर आयुक्तने स्थिति को संभाला पार्षदों ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तेजी लाने की जरूरत है। अंततः नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को संभाला। उन्होंने शहर में साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी पार्षदों से मदद की अपील की। उनके हस्तक्षेप के बाद माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ और बैठक आगे बढ़ सकी।
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